दोस्तों, कल शाम एक अजीब सी घटना हुई। मेरे पड़ोस के एक दादाजी बैंक से लौटे तो बहुत परेशान लग रहे थे। पूछने पर पता चला कि उन्हें अपने ही खाते से पैसे निकालने में दिक्कत हो रही थी, क्योंकि कुछ नए नियमों के बारे में उन्हें पता ही नहीं था। उनकी यह परेशानी देखकर मुझे लगा कि शायद हममें से बहुत से लोग इन बदलावों से अनजान होंगे। आज सुबह मैंने इन्हीं नए नियमों पर research की और पाया कि ये सचमुच में हर बैंक ग्राहक के लिए एक बड़ा अलर्ट हैं। ये कोई मामूली बातें नहीं, बल्कि ऐसे बदलाव हैं जो हमारी रोज की बैंकिंग आदतों को सीधे तौर पर छूते हैं।
मेरा मन कहता है कि हम सभी को इन बदलावों की जानकारी होनी चाहिए, ताकि कभी जरूरत के वक्त हमारा काम रुके नहीं। चलिए, आज की चाय के साथ इन नए नियमों को सरल भाषा में समझ लेते हैं।
तो क्या हैं ये नए नियम?
सबसे पहला और महत्वपूर्ण नियम बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से जुड़ा है। अब कुछ विशेष प्रकार के बड़े लेनदेन, नए खाता खोलने, या फिर संदेहास्पद गतिविधि होने पर बैंक आपसे अंगुलियों के निशान या आईरिस स्कैन की मांग कर सकता है। यह सुरक्षा के लिहाज से तो बहुत अच्छा कदम है, लेकिन हमें इसके लिए तैयार रहना होगा।
दूसरा बड़ा बदलाव निष्क्रिय खातों (Inactive Accounts) को लेकर है। अगर आपका बैंक खाता लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है, तो उसे ‘निष्क्रिय’ घोषित कर दिया जाएगा। निष्क्रिय खाते में पैसे जमा तो रहेंगे, लेकिन उसमें से पैसे निकालने या ऑनलाइन भुगतान करने पर रोक लग सकती है। ऐसा खाता फिर से सक्रिय (Active) कराने के लिए कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ सकती हैं।
तीसरा नियम KYC (Know Your Customer) अपडेशन से जुड़ा है। बैंक समय-समय पर आपसे अपना पता, फोन नंबर या फोटो अपडेट करवाने के लिए कह सकते हैं। अगर आप ऐसा कोई नोटिस या एसएमएस पाते हैं, तो उसे अनदेखा न करें। नहीं तो आपके खाते पर कुछ पाबंदियां लग सकती हैं।
इन नियमों का हम पर क्या असर पड़ेगा?
- सुरक्षा बढ़ेगी: बायोमेट्रिक सत्यापन से धोखाधड़ी का खतरा काफी कम हो जाएगा। आपका पैसा और ज्यादा सुरक्षित होगा।
- जागरूकता जरूरी: अब हमें अपने खाते की स्थिति पर नजर रखनी होगी। समय-समय पर थोड़ा सा इस्तेमाल करते रहना होगा ताकि खाता निष्क्रिय न हो जाए।
- औपचारिकताओं में वृद्धि: किसी भी बड़े लेनदेन या खाता सक्रिय करने के लिए थोड़ी अतिरिक्त औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ सकती हैं, जिसमें समय लगेगा।
मेरे मन में मेरी दादी का चेहरा आता है, जो अपना पेंशन खाता साल में सिर्फ एक-दो बार ही इस्तेमाल करती हैं। उन्हें इस नए नियम के बारे में जरूर बताना होगा।
अब हमें क्या करना चाहिए?
- निष्क्रिय खातों को सक्रिय रखें: अगर आपका कोई पुराना खाता बंद पड़ा है, तो उसमें कभी-कभार छोटा सा लेन-देन करते रहें। महीने में एक बार छोटी सी रकम जमा या निकाल लें।
- KYC को अपडेट रखें: बैंक द्वारा मांगे गए किसी भी दस्तावेज को जल्द से जल्द जमा कर दें। अपना मोबाइल नंबर और ईमेल बैंक में रजिस्टर्ड करवाए रखें।
- बायोमेट्रिक के लिए तैयार रहें: अगर बैंक बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए कहे, तो उसमें सहयोग करें। यह आपकी अपनी सुरक्षा के लिए है।
- बैंक से संपर्क में रहें: किसी भी तरह के संदेह या समस्या के लिए बैंक की कस्टमर केयर से तुरंत संपर्क करें।
मेरी भावनाएं… एक जिम्मेदार ग्राहक के तौर पर
इन नियमों को पढ़कर पहला एहसास तो यही हुआ कि बैंकिंग दुनिया अब और जटिल होती जा रही है। लेकिन फिर लगा कि यह जटिलता हमारी सुरक्षा के लिए है। बैंक धोखाधड़ी की खबरें अक्सर सुनने को मिलती हैं, ऐसे में यह कदम सराहनीय हैं। हाँ, इसमें हमारी थोड़ी सी मेहनत बढ़ जाती है, लेकिन यह मेहनत हमारे ही पैसे की सुरक्षा के लिए है।
हमें इसे एक positive change के रूप में देखना चाहिए और इन नियमों के साथ तालमेल बिठाना चाहिए।
अंत में, एक छोटी सी अपील
यह जानकारी सिर्फ आप तक ही सीमित न रखें। इसे अपने परिवार के उन सदस्यों तक जरूर पहुँचाएँ जो बैंकिंग प्रक्रियाओं से ज्यादा वाकिफ नहीं हैं, जैसे हमारे माता-पिता या बुजुर्ग रिश्तेदार। उन्हें समझाएँ। क्योंकि जागरूक ग्राहक ही सुरक्षित ग्राहक होता है।
आपका मित्र,
जो चाहता है कि आपका हर पैसा सुरक्षित रहे।
P.S.: अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर नियमित रूप से notifications चेक करते रहें। अफवाहों पर ध्यान न दें। सुरक्षित रहें, सजग रहें।










